वानर मुख नारद
वानर मुख नारद काम पर विजय प्राप्त करने के बाद नारद बेहद उत्साहित हुए अपने पिता ब्रह्मा के पास गये । उन्हें अप…
वानर मुख नारद काम पर विजय प्राप्त करने के बाद नारद बेहद उत्साहित हुए अपने पिता ब्रह्मा के पास गये । उन्हें अप…
प्रथम कल्प के प्रारंभ में स्वयभू मनु के प्रियव्रत और उत्तानपाद नाम से विख्यात दो पुत्र हुए। इनमें प्रियव्रत ब…
एक अत्यंत गरीब अपहिज व्यक्ति था, वो एक छोटे से गाँव में रहता था, वहाँ के लोग उसकी कान्हा भक्ति देख उसे पागल क…
एक गाँव में एक बूढ़ी माई रहती थी । माई का आगे – पीछे कोई नहीं था इसलिए बूढ़ी माई बिचारी अकेली रहती थी । एक दिन …
एक टक देर तक उस सुपुरुष को निहारते रहने के बाद बुजुर्ग भीलनी के मुंह से स्वर/बोल फूटे :- "कहो राम ! सबर…
एक बार की बात है कि यशोदा मैया प्रभु श्री कृष्ण के उलाहनों से तंग आ गयीं और छड़ी लेकर श्री कृष्ण की ओर दौड़ी। …
एक बार एक गाँव में कुछ ग्रामीण मिलकर एक सांप को मार रहे थे, तभी उसी रस्ते से संत एकनाथ का निकलना हुआ| भीड़ को…
जब महर्षि वेदव्यास महाभारत लिखने के लिए बैठे, तो उन्हें एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी जो उनके मुख से निकले हुए म…
नारदजी की कामदेव पर विजय एक समय की बात है, नारद ने विषय-वासनाओं पर विजय प्राप्त करने के लिए परब्रह्म ही कठोर …
एक बार नारद जी को यह अभिमान हो गया कि उसने बढ़कर इस पृथ्वी पर कोई दूसरा भगवान विष्णु का भक्त नहीं है। उनका व…
एक बार कबीर जी ने साहूकार से एक सौ रूपये लिए और साधू संतों पर खर्च कर दिए.. और इकरार किया कि कुछ महीने के बाद…